आज का पन्ना
हर दिन एक नई मौलिक शायरी।
मन को शांत करो, एक राज़ छुपा है,
हर रात के पीछे, एक सवेरा बुना है।
ये ख़त जो तुमको, कभी लिखा नहीं,
वो भी तो उम्मीद की, एक डोर सुना है।